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चेतावनी (गीत)

Posted On: 24 May, 2015 Others,social issues,कविता में

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पाकिस्तानी कर रहे आतंकी उद्योग

पाप कर्म ही धर्म है पापी हैं वे लोग

पापी हैं वे लोग देते रहते तकलीफ

बेनजीर खुद को कहैं बनते बहुत शरीफ

‘महारथी’ अब अपने मन में ऐसी ठानी

जान से देंगे मार आतंकी पाकिस्तानी।।कुण्डली।।

है मेरी चेतावनी टेक लगानौ छोड़

वरना तू पछतायगौ गरब देउंगो तोड़।।दोहा।।

अब तो रुकेना, भुंजे चबैना,

लोहा लेना, हिन्द की सेना,

आय रही मैं आयौ तोकूं खबर जनाई।।मुखड़ा।।

करते हो अश्लील शीलता की बातें तुम क्या जानो।

एक एक दो रटते हो ग्यारह कैसे तुम क्या जानो।

हे मूर्खराज निसिचर वंशी तुम अपनी जात को पहचानो।

हो लातों के देवश्री तुम बात की घात को क्या जानो।

अब देना गारी, गधा सवारी,

करके निकालूँ, शकल तेरी कारी,

कौन के बूते बाडर पे गोली चलवाई।।1।।

अब तो चुप हो जा बेटा तेरी चहुं दिस उडि़ रही खिल्ली सी

एक टोल परि जायगौ तो मैं दूर गिरौगौ गिल्ली सी।

औंधे तिरछे हाथनु सौं ढोलक की फटि जाय झिल्ली सी

ऐसे खम्भा मति नौंचे जैसे खिसियानी बिल्ली सी।

भीगी बिल्ली, शेख चिल्ली,

देखि कंरांची भूलि जा दिल्ली

तिल्ली की चिनगारी में पूरौ जलि जाई।।2।।

आयौ हूँ बल जांचन कूं मैं देखूं कैसे कर्राटे

चाटूकरी की चर्चाऐं ऐसे तेरे अर्राटे।

तेरौ भैया बिन लादेना जल में खर्राटे

आवें हिन्द के महारथी अब देखि हमारे भर्राटे।

आतंकी, बाजे नौटंकी,

है ये हकीकत ना कोई धमकी।

नापाक पाक तेरौ नकसा देहिं मिटाई।।3।।

डा. अवधेश किशोर शर्मा ‘महारथी

वृन्दावन, मथुरा (उ.प्र.)

+919319261067



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
May 24, 2015

श्री अवधेश जी बहुत अच्छा पाकिस्तान को लेकर लिखा गया गीत पाकिस्तान का आज यही हाल हैब्रज के पुट से भाषा और भी अच्छी लग रही है डॉ शोभा

Maharathi के द्वारा
May 24, 2015

आदरणीय डा. शोभा भारद्वाज जी। आपको मेरी रचना पसंद आयी बहुत बहुत धन्यवाद।


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