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बिटिया (गीत)

Posted On: 1 Jun, 2015 Others,social issues,कविता में

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जिस बेटी में गुन बहुत वो ही करे पुकार

बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार।।मुखड़ा।।

शांति क्रांति समृद्धि श्री सिद्धि वृद्धि का स्रोत

बिना बहन मां बेटियां जरै न घर में जोत

तमसोमाज्योतिर्गमय सुरुचि प्रकाश प्रसार।।

बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार।।1।।

मां काली शुभ लक्ष्मी सरस्वती गुण गान

बेशक सब को पूजिए रहे तनिक संज्ञान

जग देवी हैं बेटियां भूले ना संसार।।

बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार ।।2।।

मनु के औतारी जगो सुत अरु सुता समान

बिटिया को शिक्षित करो ये अगला सोपान

कन्या विद्या दान से कटते पाप हजार।।

बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार।।3।।

मेरे दिल में दर्द है देख सकेगा कौन

दर्दे दिल मेरे उठा रहा जमाना मौन।

महारथी हम को मिलकर करना जग संचार।।

बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार।।4।।

डा. अवधेश किशोर शर्मा ‘महारथी

वृन्दावन, मथुरा (उ.प्र.)

+919319261067



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
June 2, 2015

श्री अवधेश जी बेटी को लेकर बहुत सुंदर कविता आप अपने विचारों को केवल जरनल डिब्बा में डालते हैं उसमें एड वाले आ जाते हैं लेखक गायब हो जाते हैं उसकी जगह एडवटाइज मैंट आ जाते हैं आप और भी कालम में डाले जिससे हमें पढ़ने का अवसर मिले अक्सर हम सब अच्छे लेखकों के विचारों से वंचित रह जाते हैं बुद्धिहीन वे लोग हैं बिटिया को दें मार।।4।।बहुत सही संदेश शोभा

Maharathi के द्वारा
June 2, 2015

सादर प्रणाम व हार्दिक धन्यवाद डा. शोभा भारद्वाज जी। आपसे लगातार प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। आपके सुझाव का पालन किया जायेगा। इस गीत को मैं जून 07, 2015 दिन रविवार को सरस्वती षिषु मन्दिर जो कि विकास बाजार के पास मथुरा में शाम को होने वाली काव्य गोष्ठी में पढने जा रहा हूँ। यदि आपत्ति न हो और समय हो तो आइयेगा।

June 3, 2015

आपकी ये अभिव्यक्ति यदि एक भी बिटिया को बचा पाये तो सफल है .सुन्दर अभिव्यक्ति .

Maharathi के द्वारा
June 3, 2015

शालिनी कौशिक जी एडवोकेट सादर प्रणाम। सकारात्मक सोच रखने के लिए सादर आभार। यदि ये पंक्तियां ही नहीं यदि मैं केवल एक बेटी को बचा सका और उसे सफल बनाने में सहयोग कर सका तो मेरा जीवन सफल होगा। सराहना के लिए धन्यवाद।

kavita1980 के द्वारा
June 4, 2015

सुन्दर भाषा सुन्दर विचार

Maharathi के द्वारा
June 13, 2015

कविता जी सादर प्रणाम।। प्रशंसा के लिए धन्यवाद।। महारथी।।


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